हम सब शादी करने से घबरराते है । हमे डर लगा रहता है कि कही हमारा partner हमारे जैसा न हुआ तो !!! अगर वो हमे न समझे तो !!! ऐसे कई सारे सवाल हमारे दिमाग में बवंडर ला देते है ।
प्रिय हेटर्स, भले ही आप शाहरूख खान को नापसंद करते हो लेकिन हम जो शाहरूख को चाहते है मानते हमारे लिए आपकी ये जो नफरत है शाहरूख के प्रित उससे फर्क नहीं पड़ता ... सच कहूं तो शाहरूख को चाहना लाईफ की सबसे बड़ी कमयाबी लगती है , कभी कभी ये लगता है कि अगर मैंने शाहरूख को ना चाहा होता तो बहुत बड़े और प्यारे एहसास से दूर रहता ... शाहरूख की मुस्कान , वो दिल और दिमाग में बसने वाली आवाज़, और उनकी हाज़िर जवाबी ,हर चीज़ खास है . वो जहां जाते है ऐसा लगता है कि उनके साथ ही पूरी दुनिया रहती है .. इस बात का सबसे बड़ा सबूत ये है कि इतने साल बाद उनकी एक भी फिल्म न आने के बावजूद वो आए दिन सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते रहते है . वही आपकी नफरत हमेशा से बॉयकॉट के रूप में आती है .MY NAME IS KHAN के बॉयकॉट से लेकर पठान के बॉयकट तक हम हमेशा किंग खान के साथ है और रहेंगे . बॉयकाट जैसा शब्द शाहरूख के सामने काफी छोटा है . आप अपनी नफरत से उसे और सींचो. आपकी नफरत का RANGE बहुत कम है हमारे प्यार के आगे ... हम शाहरूख को सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर ही नहीं मानते बल्कि हम उन...
किसी ने खूब कहा है कि नकली लोग (fake people) से बच कर रहना चाहिए.क्योंकि ऐसे प्राणी आपका इस्तेमाल करेंगे और उसके बाद ज़रूरत पूरी होने पर ये आपको एक warpper की तरह फेंक देंगे . देखा जाए तो ऐसे लोग आपको हर जगह मिलेगे, घर,दफ्तर स्ंकूल-कॉलेज . वैसे खैर इसे पढ़ कर आपको भी कोई न कोई ऐसा याद आ ही गया होगा ,जिसने आपको भी एक warpper की तरह use किया हो . साथ ही आप अगर दिमाग के घोड़े दौढ़ाए तो शायद आप पाएगे कि कही न कही हमने भी किया हो . बरहाल ये भी हो सकता है कि आप इस सूची (list) में न हो .ये सबकी अपनी नियत पर निर्भर करता है.वैसे देखा जाए तो कभी न कभी हम किसी का ज़रा सा इस्तेमाल करते है या फिर यूं कहे कि किसी का बिन बुरा किए या उसे तकळीफ दिए बिना इस्तेमाल करना . कम्पयुटर की भाषा में इसे (white hackers) कहते है .जिसमें किसी का नुकसान न हो . वही black hackers वो होते है जो बस अपना फायदा ही देखते है . ऐसे लोग आपके करीब इसलिए ही जाएगे क्योंकि उन्हें आपसे कुछ न कुछ फायदा होगा पर सबसे खास बात ये है कि ये आपके feelings की ज़रा...
हाल ही में उत्तराखंड में अंकिता हत्या कांड ने सभी को हिला कर रख दिया है.साथ ही देश को एक नया मुद्दा भी मिल गया है. लेकिन देखा जाए तो ये घटना और भी तूल पकड़ती अगर इसमें किसी मुस्लिम का नाम शामिल होता. इस वक्त देश में सबसे ट्रैंडिंग विषय है हिंदू -मुस्लिम ... खैर देश में दंगा भड़काने वालों के लिए इस केस में कुछ नहीं मिला .. नहीं तो अब तक जगह जगह अंकिता को इंसाफ दो, का शोर और भी तेजी के साथ होता . हर घटना को अब हम सही और गलत की दृष्टि से तो देखते ही नहीं है. हमारी आंखों पर तो सिर्फ धर्म को बचाने की नकली पट्टी बंधी हुई हैं.इसी को लगा कर हम हर मुद्दे को देखते है .जबकि देखा जाए तो हम सही ढंग से अपने धर्म के हिसाब से भी नहीं चलते .इस धर्म की आंधी ने एक नया मुद्दा दिया है और वो ये है कि हमें अपना धर्म खतरे में दिख रहा है. जबकि ऐसा कुछ है ही नही. देखा जाएं तो दंगे की आड़ में जो अपने मुनाफे की रोटियां सेंक रहे है , वो हमारे दिमाग और सोच को चला रहे है. जिस वह से हम हिंदू और मुस्लिम की बात पर फौरन आग बबूला हो जाते है. "मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रख...
Comments
Post a Comment