हम नहीं सुधरेगे
https://youtu.be/wvCPmJVN6no
इन दिनों हमारे देश में सफाई को लेकर कई कदम उठाए जा रहें है... शहरों से लेकर गांव तक कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाए रहे है ... और इस सफाई अभियान में एक कदम है खुले में शौच , और इसके लिए तो सरकार ने भी शौचालय की व्सवसथा की है ...पर हमारे देश के कुछ बुद्धिजीवी लोगों को ये बात समझ में नहीं आती... और वो महान व्यकित है जो कही भी हल्के जो जाते है ... जिन्हे सार्वजनिक शौचालय के बजाए रोड़ ,गलियां या कोई कोना ज़रुर दिख जाता है टॉयलट करने के लिए ....
यानी दो रुपए खर्च ना करना पड़े , बस ...और रही बात शर्म की, तो इससे इनका दूर -दूर तक कोई नाता नहीं है ... और ऐसा नही है कि ये हरकत सिर्फ अनपड़ ही करते है , ब्लकि एक से एक पडेे़ लिखे लोग भी बड़ी आसानी से हल्के हो जाते है ...
बहरहाल इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता , पर जो भी ऐसी जगह से होकर गुज़रता है उसे बेहद गंदी बदबू का सामना करना पड़ता है ... मतलब ये तो वही हो गया कि करे कोई और भुगते कोई और....
अब ऐसे लोगों के लिए कितने पुलिस कर्मियों को लगाया जाए और कितने सीसी टीवी कैमरे लगाए जाए... ये तो खुद में सोचने वाली बात है... पर अगर इन्हें इतनी ही समझ होती तो ये समस्या होती ही नहीं....और मैं किसी और समस्या के बारे में लिखती ...
इन दिनों हमारे देश में सफाई को लेकर कई कदम उठाए जा रहें है... शहरों से लेकर गांव तक कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाए रहे है ... और इस सफाई अभियान में एक कदम है खुले में शौच , और इसके लिए तो सरकार ने भी शौचालय की व्सवसथा की है ...पर हमारे देश के कुछ बुद्धिजीवी लोगों को ये बात समझ में नहीं आती... और वो महान व्यकित है जो कही भी हल्के जो जाते है ... जिन्हे सार्वजनिक शौचालय के बजाए रोड़ ,गलियां या कोई कोना ज़रुर दिख जाता है टॉयलट करने के लिए ....
यानी दो रुपए खर्च ना करना पड़े , बस ...और रही बात शर्म की, तो इससे इनका दूर -दूर तक कोई नाता नहीं है ... और ऐसा नही है कि ये हरकत सिर्फ अनपड़ ही करते है , ब्लकि एक से एक पडेे़ लिखे लोग भी बड़ी आसानी से हल्के हो जाते है ...
बहरहाल इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता , पर जो भी ऐसी जगह से होकर गुज़रता है उसे बेहद गंदी बदबू का सामना करना पड़ता है ... मतलब ये तो वही हो गया कि करे कोई और भुगते कोई और....
अब ऐसे लोगों के लिए कितने पुलिस कर्मियों को लगाया जाए और कितने सीसी टीवी कैमरे लगाए जाए... ये तो खुद में सोचने वाली बात है... पर अगर इन्हें इतनी ही समझ होती तो ये समस्या होती ही नहीं....और मैं किसी और समस्या के बारे में लिखती ...


Comments
Post a Comment